वहीं, 12 वीं की परीक्षा जुलाई के दूसरे सप्ताह में आयोजित की जाएगी। उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने कहा कि इस बार बारहवीं की परीक्षा 3 घंटे की बजाए डेढ़ घंटे की होगी। जिसमें छात्रों को 10 में से सिर्फ 3 प्रश्नों का उत्तर देना होगा। बता दें यूपी के अलावा देश के अन्य कई राज्यों में दसवीं बोर्ड की परीक्षाएं रद्द की जा चुकी है। यूपी बोर्ड के छात्र और अभिभावक भी इसी आधार पर परीक्षाएं रद्द करने की मांग उठा रहे थे।
UPMSP ने इसी महीने सभी स्कूलों को छात्रों के 9वीं के फाइनल एग्जाम के मार्क्स ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए थे। इसके लिए 24 मई तक की समय सीमा निर्धारित की गई थी। जिन स्कूलों में 10वीं के प्री-बोर्ड एग्जाम नहीं हुए हैं, उन्हें ध्यान में रखते हुए 9वीं के फाइनल एग्जाम मार्क्स को आधार बनाकर छात्रों को प्रमोट करने का फैसला किया गया है।
उल्लेखनीय है कि पिछले कई दिनों से यूपी बोर्ड 10वीं परीक्षाओं को रद्द कर रिजल्ट तैयार करने की तैयारियों में जुटा है। यूपी बोर्ड 10वीं की परीक्षा इतिहास में पहली बार रद्द की गई हैं। इससे पहले सीबीएसई, आईसीएससीई , एमपी बोर्ड, पंजाब बोर्ड, हरियाणा बोर्ड समेत कई बोर्ड ने भी 10वीं की परीक्षा रद्द करने का ऐलान किया है।

