लखनऊ। उत्तर प्रदेश की यूनिवर्सिटीज में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन फर्स्ट ईयर के सभी छात्रों को सेकंड ईयर में प्रमोट किया जाएगा। यूपी की सभी यूनिवर्सिटीज में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स के लास्ट ईयर के छात्रों का मूल्यांकन उनकी डिग्री प्राप्त करने से पहले एक परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। ये सिफारिशें छात्रों को बढ़ावा देने के तौर तरीकों पर काम करने के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति द्वारा की गई हैं।
हालांकि, जो यूनिवर्सिटीज 2020 में फर्स्ट ईयर के लिए परीक्षा आयोजित नहीं कर सकेंगी, छात्रों को OMR आधारित परीक्षा के माध्यम से दूसरे वर्ष में परीक्षा देनी होगी। परीक्षा में उनके प्रदर्शन के आधार पर उन्हें थर्ड ईयर में प्रवेश दिया जाएगा। स्टेट और प्राइवेट दोनों यूनिवर्सिटीज को 13 अगस्त से पहले OMR आधारित परीक्षा आयोजित करनी होगी जिसमें बहुविकल्पीय प्रश्न होते हैं। सभी परिणाम 31 अगस्त तक घोषित किए जाएंगे हैं।
उन यूनिवर्सिटीज के लिए जहां एनुअल प्लान के तहत यूजी और पीजी दोनों कोर्स चलाए जाते हैं, समिति ने सभी फर्स्ट ईयर के छात्रों को सेकंड ईयर में प्रमोट करने का निर्णय लिया है। ऐसे सभी छात्रों के फर्स्ट ईयर के रिजल्ट के आधार पर उन्हें सेकंड ईयर में प्रमोट किया जाएगा। 2020 में फर्स्ट ईयर के छात्रों के लिए परीक्षा आयोजित करने वाली यूनिवर्सिटी ऐसे छात्रों के फर्स्ट ईयर में उनके प्रदर्शन के आधार पर सेकंड ईयर के रिजल्ट तैयार करेंगी। इसके बाद छात्रों को थर्ड ईयर में प्रमोट किया जाएगा। दूसरे वर्ष के छात्र जिन्होंने पिछले साल परीक्षा नहीं दी थी, वे भी परीक्षा देंगे।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार सेमेस्टर सिस्टम के तहत दूसरे सेमेस्टर के जिन छात्रों ने अपनी परीक्षा नहीं दी है, उनके लिए सभी यूनिवर्सिटीज पहले सेमेस्टर की परीक्षा में अपने प्रदर्शन के आधार पर परिणाम तैयार करेंगे। सभी यूजी और पीजी छात्रों के लिए एक ही फॉमूर्ला लागू होगा जो विषम सेमेस्टर में हैं।

